कक्षा 10 अम्ल, क्षारक और लवण: हिंदी फ्लैशकार्ड

NCERT कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 के लिए स्वतंत्र हिंदी फ्लैशकार्ड—सूचक, pH, उदासीनीकरण, अभिक्रियाएँ और उपयोगी लवण, छोटे उदाहरणों सहित।

Über dieses Lernkartenset

यह 72-कार्ड डेक NCERT कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 के मुख्य विचारों को छोटे हिंदी रिकॉल संकेतों में बदलता है। इसमें सूचक, अम्ल-क्षारक अभिक्रियाएँ, जलीय आयन, उदासीनीकरण, pH, दैनिक जीवन के उदाहरण, लवणों के परिवार और उपयोगी सामान्य लवण शामिल हैं।

कार्ड अवधारणा या अभिकारक से उत्पाद और समीकरण, प्रेक्षण से सही अवधारणा, तथा किसी नामित लवण से उसका सूत्र, निर्माण या उपयोग याद कराते हैं। कुछ छोटे तुलना-कार्ड सूखी और जलीय HCl, प्रबल और दुर्बल अम्ल, तथा अलग-अलग मूल अम्ल-क्षारक से बने लवणों का अंतर साफ करते हैं।

क्रम पहले सूचकों और परिचित अभिक्रियाओं की नींव रखता है, फिर आयनों, तनुकरण, उदासीनीकरण और pH पर जाता है। अंतिम भाग साधारण नमक, क्लोर-क्षार प्रक्रिया, विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर), बेकिंग सोडा, धोने का सोडा (वाशिंग सोडा), क्रिस्टलन जल, जिप्सम और प्लास्टर ऑफ पेरिस को जोड़ता है।

हर संभावित उलटा समीकरण, विकल्प-आधारित MCQ, लंबे निबंध, असुरक्षित प्रयोग, उन्नत साम्य गणना और अनुमापन वक्र जानबूझकर शामिल नहीं किए गए हैं। डेक सक्रिय पुनरावृत्ति के लिए है; यह पाठ्यपुस्तक, प्रयोगशाला पर्यवेक्षण या शिक्षक के निर्देश की जगह नहीं लेता।

यह स्वतंत्र और अनौपचारिक अध्ययन सामग्री है; NCERT या CBSE से संबद्ध, प्रायोजित या अनुमोदित नहीं है। किसी परीक्षा प्रश्न, अंक-योजना या पाठ्यपुस्तक के वाक्य कॉपी नहीं किए गए हैं। इस डेक की NCERT अध्याय 2 के 2026–27 पुनर्मुद्रण के लिए समीक्षा की गई है। हिंदी शब्दावली और दायरा CBSE हिंदी शैक्षणिक सामग्री से भी जाँचे गए हैं।

Karten in diesem Lernkartenset

  1. Karte 1

    Frage

    अम्ल-क्षारक सूचक क्या बताता है?

    Antwort

    वह बताता है कि कोई विलयन अम्लीय है या क्षारकीय। सूचक माध्यम के अनुसार रंग या गंध में पहचान योग्य बदलाव देता है।

  2. Karte 2

    Frage

    अम्ल नीले लिटमस का रंग कैसे बदलता है?

    Antwort

    नीले से लाल। लाल लिटमस अम्ल में लाल ही रहता है।

  3. Karte 3

    Frage

    घ्राण सूचक किस आधार पर अम्ल और क्षारक की पहचान कराता है?

    Antwort

    गंध में बदलाव के आधार पर। प्याज, वैनिला और लौंग के तेल जैसे पदार्थ घ्राण सूचक के उदाहरण हैं।

  4. Karte 4

    Frage

    क्षारकीय विलयन में फीनॉल्फ्थेलीन का रंग क्या होता है?

    Antwort

    गुलाबी। यह क्षारक की उपस्थिति का संकेत है।

  5. Karte 5

    Frage

    हल्दी सूचक क्षारक के संपर्क में किस रंग का हो जाता है?

    Antwort

    लाल-भूरा। अम्लीय माध्यम में हल्दी सामान्यतः पीली रहती है।

  6. Karte 6

    Frage

    अम्लीय विलयन में मिथाइल ऑरेंज का रंग क्या होता है?

    Antwort

    लाल। यही रंग अम्लीय माध्यम की पहचान कराता है।

  7. Karte 7

    Frage

    क्षारक लाल लिटमस का रंग कैसे बदलता है?

    Antwort

    लाल से नीला। नीला लिटमस क्षारक में नीला ही रहता है।

  8. Karte 8

    Frage

    अम्लीय विलयन में फीनॉल्फ्थेलीन का रंग क्या होता है?

    Antwort

    रंगहीन। अम्ल मिलाने पर क्षारकीय विलयन का गुलाबी रंग मिट जाता है।

  9. Karte 9

    Frage

    क्षारकीय विलयन में मिथाइल ऑरेंज का रंग क्या होता है?

    Antwort

    पीला। यह क्षारकीय माध्यम की पहचान कराता है।

  10. Karte 10

    Frage

    अम्ल और धातु की सामान्य अभिक्रिया से क्या बनता है?

    Antwort

    लवण और हाइड्रोजन गैस। सामान्य रूप: अम्ल + धातु → लवण + H₂।

  11. Karte 11

    Frage

    कार्बन डाइऑक्साइड को चूने के पानी से गुजारने पर पहला प्रेक्षण क्या होता है?

    Antwort

    चूने का पानी दूधिया हो जाता है। अघुलनशील कैल्सियम कार्बोनेट का सफेद अवक्षेप बनता है।

  12. Karte 12

    Frage

    अम्ल और धातु कार्बोनेट की अभिक्रिया के उत्पाद क्या हैं?

    Antwort

    लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल। सामान्य रूप: अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + CO₂ + H₂O।

  13. Karte 13

    Frage

    जिंक और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया का समीकरण क्या है?

    Antwort

    Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂। जिंक सल्फेट बनता है और हाइड्रोजन गैस निकलती है।

  14. Karte 14

    Frage

    धातु ऑक्साइड और अम्ल की सामान्य अभिक्रिया से क्या बनता है?

    Antwort

    लवण और जल। इस व्यवहार के कारण अधिकांश धातु ऑक्साइड क्षारकीय माने जाते हैं।

  15. Karte 15

    Frage

    सोडियम कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया का समीकरण क्या है?

    Antwort

    Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂। बनने वाली CO₂ चूने के पानी को दूधिया करती है।

  16. Karte 16

    Frage

    अम्ल-धातु अभिक्रिया में निकली हाइड्रोजन गैस की पहचान कैसे होती है?

    Antwort

    जलती तीली पास लाने पर ‘पॉप’ ध्वनि से। यह हाइड्रोजन का परिचित परीक्षण है और प्रयोग शिक्षक की देखरेख में होना चाहिए।

  17. Karte 17

    Frage

    अधातु ऑक्साइड और क्षारक की अभिक्रिया सामान्यतः क्या बनाती है?

    Antwort

    लवण और जल। इसलिए CO₂ जैसे अधातु ऑक्साइड को अम्लीय प्रकृति का माना जाता है।

  18. Karte 18

    Frage

    अम्ल और धातु हाइड्रोजनकार्बोनेट की अभिक्रिया के उत्पाद क्या हैं?

    Antwort

    लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल। उत्पाद धातु कार्बोनेट वाली अभिक्रिया के समान होते हैं।

  19. Karte 19

    Frage

    कॉपर(II) ऑक्साइड और HCl की अभिक्रिया का समीकरण क्या है?

    Antwort

    CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O। कॉपर(II) क्लोराइड बनने से विलयन नीला-हरा दिखता है।

  20. Karte 20

    Frage

    जिंक और सोडियम हाइड्रॉक्साइड की पाठ्यक्रम-अभिक्रिया का समीकरण क्या है?

    Antwort

    2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂। सोडियम जिंकेट और हाइड्रोजन बनते हैं।

  21. Karte 21

    Frage

    चूने के पानी में अधिक CO₂ प्रवाहित करने पर दूधियापन क्यों गायब हो जाता है?

    Antwort

    घुलनशील कैल्सियम हाइड्रोजनकार्बोनेट बनता है। CaCO₃ + CO₂ + H₂O → Ca(HCO₃)₂।

  22. Karte 22

    Frage

    धातु ऑक्साइडों की सामान्य प्रकृति क्या होती है?

    Antwort

    क्षारकीय। वे अम्ल से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।

  23. Karte 23

    Frage

    सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट और HCl की अभिक्रिया का समीकरण क्या है?

    Antwort

    NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂। कार्बन डाइऑक्साइड के कारण बुलबुले बनते हैं।

  24. Karte 24

    Frage

    क्या हर धातु प्रबल क्षारक से हाइड्रोजन निकालती है?

    Antwort

    नहीं। यह अभिक्रिया केवल कुछ धातुओं, जैसे जिंक, के साथ होती है; इसे सभी धातुओं पर लागू नहीं किया जा सकता।

  25. Karte 25

    Frage

    CO₂ और चूने के पानी की अभिक्रिया का समीकरण क्या है?

    Antwort

    CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃ + H₂O। CaCO₃ का सफेद अवक्षेप दूधियापन देता है।

  26. Karte 26

    Frage

    अम्लीय जलीय विलयन विद्युत का चालन क्यों करते हैं?

    Antwort

    क्योंकि उनमें गतिशील आयन होते हैं। H₃O⁺ और ऋणायन विद्युत धारा ले जाते हैं।

  27. Karte 27

    Frage

    क्षारक जल में कौन-सा विशेष आयन उत्पन्न करते हैं?

    Antwort

    OH⁻ आयन। यही हाइड्रॉक्साइड आयन जलीय विलयन की क्षारकीय प्रकृति के लिए जिम्मेदार है।

  28. Karte 28

    Frage

    ग्लूकोज और अल्कोहल के जलीय विलयन अम्लों जैसे चालक क्यों नहीं होते?

    Antwort

    वे जल में H⁺ या अन्य पर्याप्त गतिशील आयन नहीं बनाते। केवल हाइड्रोजन परमाणु होना किसी पदार्थ को अम्ल नहीं बनाता।

  29. Karte 29

    Frage

    अम्ल जल में अपनी अम्लीय प्रकृति किस आयन के कारण दिखाते हैं?

    Antwort

    H₃O⁺, यानी हाइड्रोनियम आयन। H⁺ जल के अणु से जुड़कर H₃O⁺ के रूप में रहता है।

  30. Karte 30

    Frage

    क्षार और क्षारक में क्या संबंध है?

    Antwort

    क्षार वह क्षारक है जो जल में घुलता है। हर क्षार क्षारक है, लेकिन हर क्षारक जल में घुलनशील नहीं होता।

  31. Karte 31

    Frage

    उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?

    Antwort

    अम्ल और क्षारक की वह अभिक्रिया जिसमें लवण और जल बनते हैं। सामान्य रूप: अम्ल + क्षारक → लवण + जल।

  32. Karte 32

    Frage

    सूखी HCl गैस सूखे नीले लिटमस को लाल क्यों नहीं करती?

    Antwort

    जल के बिना H₃O⁺ आयन नहीं बनते। HCl की अम्लीय प्रकृति जलीय माध्यम में दिखाई देती है।

  33. Karte 33

    Frage

    सांद्र अम्ल या क्षारक को जल में घोलने पर तापमान क्यों बढ़ता है?

    Antwort

    घुलने की प्रक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है। जलयोजन के दौरान काफी ऊष्मा निकलती है।

  34. Karte 34

    Frage

    HCl और NaOH के उदासीनीकरण का समीकरण क्या है?

    Antwort

    HCl + NaOH → NaCl + H₂O। अम्ल और क्षारक का प्रभाव समाप्त होकर लवण और जल बनते हैं।

  35. Karte 35

    Frage

    अम्ल या क्षारक को पतला करने पर प्रति इकाई आयतन आयनों की सांद्रता पर क्या असर पड़ता है?

    Antwort

    सांद्रता घटती है। अम्ल में H₃O⁺ और क्षारक में OH⁻ आयन प्रति इकाई आयतन कम हो जाते हैं।

  36. Karte 36

    Frage

    pH पैमाने पर अम्लीय, उदासीन और क्षारकीय विलयन कैसे पहचाने जाते हैं?

    Antwort

    pH 7 से कम अम्लीय, 7 उदासीन और 7 से अधिक क्षारकीय होता है। सामान्य pH पैमाना 0 से 14 तक है।

  37. Karte 37

    Frage

    सांद्र अम्ल को पतला करते समय अम्ल को जल में धीरे-धीरे क्यों मिलाया जाता है?

    Antwort

    निकली ऊष्मा बड़े आयतन के जल में सुरक्षित ढंग से फैलती है। अम्ल पर जल डालने से स्थानीय उबाल, छींटे और पात्र टूटने का जोखिम बढ़ता है।

  38. Karte 38

    Frage

    सार्वत्रिक सूचक एक साधारण सूचक से अधिक जानकारी कैसे देता है?

    Antwort

    यह अलग-अलग pH पर अलग रंग देता है। इसलिए केवल अम्ल/क्षारक की पहचान नहीं, बल्कि अम्लीय या क्षारकीय तीव्रता का मोटा अनुमान भी मिलता है।

  39. Karte 39

    Frage

    उदासीनीकरण का शुद्ध आयनिक समीकरण क्या है?

    Antwort

    H⁺(aq) + OH⁻(aq) → H₂O(l)। यही अम्लीय और क्षारकीय प्रभाव के समाप्त होने का मूल आयनिक चरण है।

  40. Karte 40

    Frage

    समान सांद्रता वाले प्रबल और दुर्बल अम्ल में मुख्य अंतर क्या है?

    Antwort

    प्रबल अम्ल अधिक H⁺/H₃O⁺ आयन उत्पन्न करता है। दुर्बल अम्ल उसी सांद्रता पर कम आयन बनाता है।

  41. Karte 41

    Frage

    pH घटने पर H₃O⁺ आयनों की सांद्रता कैसे बदलती है?

    Antwort

    बढ़ती है। कम pH अधिक हाइड्रोनियम आयन और अधिक अम्लीय प्रकृति दर्शाता है।

  42. Karte 42

    Frage

    NCERT के अनुसार मानव शरीर की क्रियाएँ लगभग किस pH सीमा में ठीक चलती हैं?

    Antwort

    लगभग 7.0 से 7.8। जीवधारी बड़े pH बदलाव के प्रति संवेदनशील होते हैं।

  43. Karte 43

    Frage

    pH 6 और pH 8 वाले विलयनों में किसमें H⁺ आयनों की सांद्रता अधिक है?

    Antwort

    pH 6 वाले विलयन में। वह अम्लीय है, जबकि pH 8 वाला विलयन क्षारकीय है।

  44. Karte 44

    Frage

    वर्षा जल को अम्लीय वर्षा कब कहा जाता है?

    Antwort

    जब उसका pH 5.6 से कम हो। ऐसा जल नदियों का pH घटाकर जलीय जीवन को नुकसान पहुँचा सकता है।

  45. Karte 45

    Frage

    अपच में एंटासिड राहत कैसे देता है?

    Antwort

    वह पेट के अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करता है। मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड एक हल्के क्षारक का उदाहरण है।

  46. Karte 46

    Frage

    दाँतों का क्षय मुँह के किस pH से नीचे शुरू हो सकता है?

    Antwort

    लगभग 5.5 से नीचे। अम्ल दाँतों के कैल्सियम हाइड्रॉक्सीएपेटाइट वाले इनेमल को क्षति पहुँचाता है।

  47. Karte 47

    Frage

    अम्लीय मिट्टी में किसान चूना क्यों डाल सकता है?

    Antwort

    मिट्टी की अतिरिक्त अम्लता को उदासीन करने के लिए। बिना बुझा चूना, बुझा चूना या चॉक क्षारकीय प्रभाव देते हैं।

  48. Karte 48

    Frage

    अध्याय में मधुमक्खी के डंक के अम्लीय प्रभाव को समझाने के लिए किस हल्के क्षारक का उदाहरण दिया गया है?

    Antwort

    बेकिंग सोडा। उदाहरण उदासीनीकरण का सिद्धांत समझाता है; वास्तविक डंक की देखभाल में स्थानीय चिकित्सकीय सलाह माननी चाहिए।

  49. Karte 49

    Frage

    एक ही धनायन या ऋणायन वाले लवणों को क्या कहा जाता है?

    Antwort

    एक ही लवण-परिवार के सदस्य। NaCl और Na₂SO₄ सोडियम लवण हैं; NaCl और KCl क्लोराइड लवण हैं।

  50. Karte 50

    Frage

    साधारण नमक का रासायनिक नाम, सूत्र और सामान्य प्रकृति क्या है?

    Antwort

    सोडियम क्लोराइड, NaCl, और इसका जलीय विलयन सामान्यतः उदासीन होता है। यह HCl और NaOH से बनने वाला लवण है।

  51. Karte 51

    Frage

    ब्राइन क्या है?

    Antwort

    सोडियम क्लोराइड का सांद्र जलीय विलयन। इसका विद्युत अपघटन क्लोर-क्षार प्रक्रिया में किया जाता है।

  52. Karte 52

    Frage

    क्लोर-क्षार प्रक्रिया का समीकरण और तीन मुख्य उत्पाद क्या हैं?

    Antwort

    2NaCl + 2H₂O → 2NaOH + Cl₂ + H₂। उत्पाद सोडियम हाइड्रॉक्साइड, क्लोरीन और हाइड्रोजन हैं।

  53. Karte 53

    Frage

    क्रिस्टलन जल क्या है?

    Antwort

    लवण की एक सूत्र इकाई में निश्चित संख्या में जुड़े जल-अणु। ये क्रिस्टल की संरचना और गुणों का हिस्सा होते हैं, सतही नमी नहीं।

  54. Karte 54

    Frage

    प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक से बने लवण का जलीय विलयन सामान्यतः कैसा होता है?

    Antwort

    उदासीन, लगभग pH 7। NaCl इसका परिचित उदाहरण है।

  55. Karte 55

    Frage

    NCERT 2026–27 पुनर्मुद्रण में विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) को किस सूत्र से दर्शाया गया है?

    Antwort

    Ca(ClO)₂। अध्याय यह भी स्पष्ट करता है कि वास्तविक संरचना अधिक जटिल होती है।

  56. Karte 56

    Frage

    बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम और सूत्र क्या है?

    Antwort

    सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट, NaHCO₃। यह हल्का, गैर-संक्षारक क्षारकीय लवण है।

  57. Karte 57

    Frage

    धोने का सोडा (वाशिंग सोडा) का रासायनिक सूत्र क्या है?

    Antwort

    Na₂CO₃·10H₂O। यह सोडियम कार्बोनेट का डेकाहाइड्रेट है और क्षारकीय लवण है।

  58. Karte 58

    Frage

    प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक से बने लवण का विलयन सामान्यतः कैसा होता है?

    Antwort

    अम्लीय, यानी pH 7 से कम। अमोनियम क्लोराइड इसका परिचित उदाहरण है।

  59. Karte 59

    Frage

    क्लोर-क्षार प्रक्रिया में एनोड और कैथोड पर क्या बनता है?

    Antwort

    एनोड पर Cl₂ और कैथोड पर H₂ बनता है; NaOH विलयन कैथोड के पास बनता है।

  60. Karte 60

    Frage

    साधारण नमक से बेकिंग सोडा बनाने का समीकरण क्या है?

    Antwort

    NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃। NaHCO₃ उत्पाद के रूप में अलग होता है।

  61. Karte 61

    Frage

    बुझा चूना क्लोरीन से अभिक्रिया करके विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) कैसे बनाता है?

    Antwort

    2Ca(OH)₂ + 2Cl₂ → Ca(ClO)₂ + CaCl₂ + 2H₂O। सूखे बुझा चूने पर क्लोरीन की क्रिया कराई जाती है।

  62. Karte 62

    Frage

    प्रबल क्षारक और दुर्बल अम्ल से बने लवण का विलयन सामान्यतः कैसा होता है?

    Antwort

    क्षारकीय, यानी pH 7 से अधिक। सोडियम कार्बोनेट इसका परिचित उदाहरण है।

  63. Karte 63

    Frage

    नीले CuSO₄·5H₂O क्रिस्टलों को गरम करने और फिर जल डालने पर क्या बदलाव होता है?

    Antwort

    गरम करने पर क्रिस्टलन जल निकलता है और लवण सफेद होता है; जल वापस डालने पर नीला रंग लौट आता है।

  64. Karte 64

    Frage

    बेकिंग सोडा को गरम करने पर क्या होता है?

    Antwort

    2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂। कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है।

  65. Karte 65

    Frage

    सोडियम कार्बोनेट से धोने का सोडा (वाशिंग सोडा) कैसे बनता है?

    Antwort

    सोडियम कार्बोनेट के पुनःक्रिस्टलीकरण से। Na₂CO₃ में दस क्रिस्टलन जल जुड़कर Na₂CO₃·10H₂O बनता है।

  66. Karte 66

    Frage

    जिप्सम का रासायनिक सूत्र क्या है?

    Antwort

    CaSO₄·2H₂O। इसकी प्रत्येक सूत्र इकाई में दो जल-अणु क्रिस्टलन जल के रूप में होते हैं।

  67. Karte 67

    Frage

    विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) के मुख्य उपयोग क्या हैं?

    Antwort

    कपड़ा और कागज लुगदी को विरंजित करना, रासायनिक उद्योग में ऑक्सीकारक बनना और पेयजल को रोगाणुओं से मुक्त करना।

  68. Karte 68

    Frage

    बेकिंग पाउडर में बेकिंग सोडा के साथ टार्टरिक अम्ल क्यों मिलाया जाता है?

    Antwort

    अम्ल CO₂ बनाने में मदद करता है और बने सोडियम कार्बोनेट के कड़वे स्वाद को घटाता है। निकली CO₂ आटे को फुलाती है।

  69. Karte 69

    Frage

    प्लास्टर ऑफ पेरिस का सूत्र क्या है और इसे जिप्सम से कैसे बनाया जाता है?

    Antwort

    CaSO₄·½H₂O। जिप्सम, CaSO₄·2H₂O, को लगभग 373 K पर गरम करने से कैल्सियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट बनता है।

  70. Karte 70

    Frage

    प्लास्टर ऑफ पेरिस में जल मिलाने पर क्या बनता है और वह क्यों जमता है?

    Antwort

    जिप्सम, CaSO₄·2H₂O, का कठोर ठोस द्रव्यमान बनता है। इसी गुण से हड्डी के साँचे, खिलौने, सजावटी वस्तुएँ और चिकनी सतहें बनाई जाती हैं।

  71. Karte 71

    Frage

    धोने का सोडा (वाशिंग सोडा) के मुख्य उपयोग क्या हैं?

    Antwort

    काँच, साबुन और कागज उद्योग; घरेलू सफाई; तथा जल की स्थायी कठोरता हटाना। इससे बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिक भी बनाए जाते हैं।

  72. Karte 72

    Frage

    बेकिंग सोडा के दो प्रमुख उपयोग क्या हैं?

    Antwort

    बेकिंग पाउडर में आटा फुलाना और एंटासिड में अतिरिक्त पेट-अम्ल को उदासीन करना। इसका उपयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक में भी होता है।

अम्ल और क्षारक के दो काँच के पात्रों के बीच रंगीन pH पट्टी, सामने नमक के क्रिस्टल और सफेद खनिज रूप

72 Karten

कक्षा 10 अम्ल, क्षारक और लवण: हिंदी फ्लैशकार्ड

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